जिले में धान की खरीद शुरू हुए करीब सवा महीने बीत गए हैं लेकिन अभी तक छह क्रय केंद्रों की बोहनी नहीं हो सकी है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक साढ़े दस फीसदी से ज्यादा करीब 22903 मीट्रिक टन की खरीद की गई है। यह खरीद 3290 किसानों से की गई है। 2371 किसानों के खाते में 32 करोड़ 66 लाख का भुगतान पीएफएमएस के जरिए किया गया है। धान खरीद के लिए पंजीकरण सबसे कम सैदपुर तहसील में हुए हैं सर्वाधिक मुहम्मदाबाद में है। ग्रामीण इलाकों में अभी धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष दो लाख 15 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 124 क्रय केंद्र खोले गए हैं। अब तक तय लक्ष्य के सापेक्ष अब तक साढ़े दस फीसदी से ज्यादा खरीद की जा चुकी है।
धान खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित की गई है। जिले में खरीद कुछ दिन विलंब से शुरू हुई। धान खरीद के लिए खाद्य विभाग के 34, पीसीएफ 15, पीसीयू 46, यूपीएसएस 21, कृषि उत्पादन मंडी समिति के चार, मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी तीन तथा भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है।
हालांकि करीब सवा महीने बीत गए हैं अभी तक 118 केंद्रों पर 22903.433 एमटी की खरीद की गई है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 10.65 प्रतिशत है। हालांकि बीते वर्ष की तुलना में खरीद की गति ठीक है। पिछले वर्ष अब तक 12227.466 एमटी की खरीद हुई थी। हैरानी की बात तो यह है कि इतने दिन बाद भी छह क्रय केंद्रों पर छटांक भर भी धान नहीं खरीदा जा सका है।
बृहस्पतिवार तक हुई खरीद में खाद्य विभाग ने 7357.092 एमटी, पीसीएफ 926.264, पीसीयू 10414.867, यूपीएसएस 3903.010, मंडी समिति 146.148 तथा एफसीआई ने 155.72 एमटी धान की खरीद की है। यह खरीद 3290 किसानों से की गई है। इसमें 2371 किसानों का 32 करोड़ 66 लाख का भुगतान किया गया है। शेष के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
सबसे कम सैदपुर तहसील के किसान
गाजीपुर। धान की बिक्री के लिए जिले की सभी सात तहसीलों के 29663 किसानों की ओर से पंजीकरण कराया गया है। इनमें सैदपुर तहसील के सबसे कम किसान हैं। जखनिया के 2625, सैदपुर 2389, सदर 3402, मुहम्मदाबाद 5929, जमानिया 6007, कासिमाबाद 4293 तथा सेवराई तहसील क्षेत्र के 5018 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
किसान अपना धान अच्छे से साफ कर एवं सुखाकर क्रय केंद्र पर लाएं। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष धान की खरीद की गति ठीक है। कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम का नंबर-0548- 3561375 है। - रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
औपचारिकताओं के जाल में किसानों का बुरा हाल
सुहवल/बारा/मरदह। सुहवल गांव स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र ने 20 हजार कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 49 किसानों से 2500 कुंतल धान की खरीद की है। 49 में 27 किसानों का भुगतान विभाग की ओर से किया जा चुका है। शेष के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि अब तक 400 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। लक्ष्य को समय रहते प्राप्त कर लिया जाएगा। खरीद के साथ ही धान के उठान की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
बारा क्षेत्र में किसान केंद्रों पर धान लाने के बजाए उसे गांव में ही बिचौलियों के हाथ कम कीमत में बेच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए उन्हें तमाम तरह की औपचारिकता पूरी करने में पसीना छूट जा रहा है। किसी किसान के पंजीकरण में गलती हो जा रही है तो किसी का पंजीकरण क्रय केंद्र पर नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि रबी की बुआई के लिए तुरंत रुपये की जरूरत होती है पर वहां भुगतान होने में समय लगता है।
विपणन क्रय केंद्र गहमर पर अब तक मात्र बत्तीस सौ कुंतल धान की खरीद हुई है। जबकि यहां 35 हजार कुंतल का लक्ष्य है। साधन सहकारी समिति भतौरा-बारा पर लक्ष्य 15 हजार कुंतल के सापेक्ष एक हजार कुंतल खरीद हुई है। एमआई राकेश तिवारी ने बताया कि किसान आते हैं तो उनके धान की खरीद होती है।
मरदह विकासखंड क्षेत्र में खरीद में तेजी नहीं आ रही है। वजह कहीं नमी तो कहीं अभी तक किसानों की कुछ फसल खेत में ही पड़ी है। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के मरदह विकासखंड में कुल 11 क्रय केंद्र खोले गए हैं लेकिन इनमें नाम मात्र ही समय से खुल रहे हैं। राजकीय धान क्रय केंद्र भवानीपुर कंसहरी पर ही अधिकांश किसान पहुंच रहे हैं।
केंद्र प्रभारी प्रेमनारायण यादव ने बताया कि एक नवंबर से आठ दिसंबर तक 4500 सौ कुंतल धान की खरीद हो गई है। इसके अलावा ब्लाक के नसरतपुर गांव में दो, रानीपुर में दो, बीरबलपुर में दो, हैदरगंज में दो, सुलेमापुर देवकली में दो क्रय केंद्र खुले हैं।