अपनी मांगों को लेकर जिला अस्पताल के सामने दवा एसोसिएशन के धरना में बोलते महामंत्री भानू सिंह।
जिला अस्पताल को गोराबाजार में स्थानांतरित किए जाने से नाराज दवा एसोसिएशन के सदस्यों और पदाधिकारियों ने शुुक्रवार को अपनी दूकानें बंद कर जिला अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नगर की आबादी करीब तीन लाख है। इसे ही ध्यान में रखकर पिछली सरकारों ने उच्चीकृत करने के लिए अच्छा दृष्टिकोण अपनाया था।
कहा कि इस वर्तमान सरकार इस पुराने जिला अस्पताल को गोराबाजार स्थित सीएमओ परिसर में बने नए भवन में ले जाना चाहती है। इससे नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। पुराना जिला अस्पताल मिश्र बाजार में होने के चलते मरीजों को स्टेशन और बस अड्डों से उतरकर आने में काफी सहूलियत होती है।
कहा कि जिला अस्पताल के यहां चले जाने के बाद अब मरीजों को गोराबाजार पहुुंचने के लिए रात में आटो और रिक्शा मिलना तो दूर पैदल पहुंचने में काफी समय लग जाएगा। सबसे अधिक दिक्कत तो दुघर्टना ग्रस्त मरीजों को उठानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर जिले में पांच से दस हजार की आबादी पर आम जनों के स्वास्थ्य सुुरक्षा की दृष्टि से सरकारी अस्पताल मुहैया करा रही है।
ऐसे में हजारों की आबादी वाले क्षेत्र से अस्पताल को शहर के बाहर ले जाना आमजनों के साथ अत्याचार ही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के चले जाने से निजी मेडिकल स्टोर के संचालकों की रोजी-रोटी पर भी आफत आ जाएगी। इस मौके पर सैफुद्दीन सिद्दीकी, भानू सिंह, नदीम, अब्बास, महेंद्र सिंह, कमालूद्दीन, राजू, अनुभव कुमार, रहीस आदि मौजूद रहे।