दूकानदार भरत प्रसाद को पिछले दिनों मारने-पीटने और पुलिस द्वारा दूकानदार को ही प्रताड़ित करने की कार्रवाई करने से नाराज मां कामाख्या धाम के दूकानदारों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। दूकानदारों ने अपनी दूकानें बंद कर धाम परिसर में सभा कर अपने रोष का इजहार किया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि व्यापारियों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस व्यापारियों को ही प्रताड़ित कर रही है। इस तरह की कार्रवाई निंदनीय है।
कामाख्या धाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हेराम सिंह ने कहा कि व्यापारी के साथ हुई मारपीट की घटना की जानकारी देने के बाद भी पुलिस का रवैया उदासीन बना रहा।
कहा कि अगर पुलिस के रवैए में सुधार नहीं हुआ तो दूकानदार आंदोलन तेज करने को विवश होंगे। इस मौके पर चंदन सिंह, संतोष सिंह, अंजनी उपाध्याय, बबुआ उपाध्याय, रामजी प्रजापति, शंभूनाथ, परमानंद, वशिष्ट सिंह आदि थे। संचालन जनरल सिंह ने किया। प्रसाद सहित अन्य दूकानें बंद रहने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।