शिया समुदाय के लोगों ने ईद-उल-फितर का त्योहार बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस मौके पर बड़ी तादाद में शिया अलग-अलग मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की और मुल्क की तरक्की के साथ ही अमन चैन की दुआएं मांगी। नमाज के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाइयां दीं। इसमें मुस्लिम समुदाय के अलावा अन्य वर्गों के लोग भी शामिल रहे। इसके बाद लोग समूह में एक दूसरे के घर पहुंचे और सेवइयों के साथ स्वादिष्ट पकवानों का लुत्फ लिया। आवभगत व मेहमाननवाजी का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
नगर सहित ग्रामीण इलाकों में बुधवार को बूंदा-बांदी के बीच ईद की चहल-पहल बनी हुई थी। शिया बहुल क्षेत्रों में पूर्वाह्न ग्यारह बजे तक ईद की नमाज अदा कर ली गई। इस मौके पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन को भी ईद का पर्व संपन्न कराने के लिए दो दिन की तैयारी करनी पड़ी। नगरपालिका ने भी विभिन्न मस्जिदों के आस-पास साफ-सफाई के साथ ही सड़कों को दुरुस्त कराया।
ईद-उल-फितर पर जनपद के जुड़न शहीद स्थित शिया जामा मस्जिद में मौलाना तनवीरूल हसन जैनवी ने नमाज अता करवाई। शिया समुदाय के लोगों ने मुल्क में अमन चैन की दुआएं मांगी गई। बच्चे बुजुर्ग और नौजवान हर किसी के चेहरे पर आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के प्रतीक इस त्यौहार की खुशी देखने लायक थी। चांद के दीदार के लिए शाम से लोगों की निगाहें टिकी रही। हर कोई अपने छत पर चांद के दीदार को बेकरार रहा, लेकिन चांद की झलक नहीं दिखी।