क्षेत्र के शिकारगंज रजबाहा का पश्चिमी तटबंध शुक्रवार की रात टूट गया। तटबंध टूटने से नहर का पानी खेतों की ओर बहने लगा। शनिवार की सुबह जानकारी होने पर किसानों ने खुद मोर्चा संभालते हुए बोरी में मिट्टी भरकर टूटी हुई पटरी की मरम्मत की और पानी के बहाव को नियंत्रित किया।
किसानों का आरोप है कि नहर में लंबे समय से कूड़ा-करकट, घास-फूस और जंगली लताएं उग आने से नहर की सफाई नहीं हो सकी, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव ने बताया कि कई बार बंधी डिवीजन के अवर अभियंता से नहर की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन मिलता रहा।
करवदिया गांव के उत्तर तरफ टूटी पटरी की मरम्मत के लिए किसानों ने अपने स्तर से प्रयास किया। करीब सात-आठ किसानों ने बांस में अंकुसी बांधकर नहर में फैली घास और लताओं को भी हटाया, ताकि पानी पिपरखड़िया टेल तक पहुंच सके। किसानों ने बताया कि अभी क्षेत्र के कई खेतों में धान की रोपाई बाकी है। ऐसे में नहर में पानी की उपलब्धता जरूरी है।
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मामले की शिकायत बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद और सहायक अभियंता हीरालाल यादव से की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो किसान विकास मंच के कार्यकर्ता बंधी डिवीजन कार्यालय चकिया में प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान सरोज कुमार यादव, बिमलेश यादव, रमेश चंद्र, मोहन पासवान, उमाशंकर यादव, संजय सिंह, सुभाष यादव सहित अन्य किसान मौजूद रहे।