गाजीपुर। कोरोना संक्रमण की चपेट में आए रामपुर गांव को सेवादल की यूथ टीम ने एक पखवारे में ही संक्रमण मुक्त कराया। चेन को तोड़ने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप युवाओं का सबसे बड़ा हथियार बना। सोशल मीडिया के इस प्लेटफार्म के जरिए सूचनाएं एकत्र कर मरीजों तक मदद युवाओं ने पहुंचाई। साथ ही सेनेटाइजेशन और साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा। ऐसे में अब ग्रामीण अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखने के लिए योग-प्राणायाम के साथ-साथ कोरोना गाइड लाइन का पालन कर रहे हैं। बीते अप्रैल माह में पंचायत चुनाव के दौरान नामांकन के बाद प्रधान प्रत्याशी राजकुमार सिंह की तबीयत खराब हुई थी। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसी तरह दो अन्य ग्रामीणों की मौत संक्रमण से हो गई थी। यही नहीं बिना जांच के ही करीब दो से तीन लोगों की मौत से ग्रामीण दहशत में आ गए थे। ऐसे में 15 से 20 युवाओं ने संक्रमण से दो-दो हाथ करने के लिए कमर कसी। स्थानीय प्रशासन की मदद से गांव के प्रत्येक लोगों की जांच कराई गई तो 49 लोग संक्रमित मिले थे। ऐसे मेें सेवादल के इन युवाओं की टीम ने संक्रमितों को होम आइसोलेट करने के साथ उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा। आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों तक दवा पहुंचाने के लिए आपस में धनराशि एकत्रकर उनका सहयोग भी करने का काम किया। साथ ही कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ख्याल रखते हुए दिन-रात साफ-सफाई के साथ दवा का छिड़काव करने में जुटे रहे हैं। उसका सुखद परिणाम भी मिला। बीते पांच मई को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच किया तो एक भी ग्रामीण संक्रमित नहीं मिला। युवाओं की इस लगनशीलता के चलते एक पखवारे में ही सात हजार की आबादी का यह गांव कोरोना संक्रमण मुक्त हो गया।