गेहूं खरीद का समय नजदीक आते ही तैयारी जोर पकड़ने लगी है। आगामी खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 42 क्रय केंद्रों का चयन कर लिया गया है। अपर जिलाधिकारी को गेंहू खरीद अधिकारी नामित किया गया हैै। धान खरीद के बाद इस बार गेहूं की खरीद आनलाइन की जाएगी। इसके लिए अप्रैल माह की शुरुआत में क्रय केंद्र के प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
धान की खरीद संपन्न होने के बाद अब गेहूं खरीद की बारी आ गई हैै।
हालांकि शासन की ओर से अभी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया हैै लेकिन इसकी तैयारी तेज हो गई हैै। पहली अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं की तरफ से क्रय केंद्रों का प्रस्ताव सौंपा गया था। विपणन, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, एग्रीकाफ तथा एनसीसीएफ की ओर से दिए गए क्रय केंद्रों का चयन कर लिया गया है।
जिन संस्थाओं के क्रय केंद्रों का चयन किया गया है, उसमें विपणन के 16, पीसीएफ के 16, एग्रीकाफ एवं कर्मचारी कल्याण निगम के 3-3 तथा एनसीसीएफ के चार क्रय केंद्र शामिल हैं। गेहूं की ढुलाई के लिए परिवहन दर का निर्धारण कर दिया गया है। क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए दरी, पानी की व्यवस्था, वाहनों के पार्किंग, असामयिक बारिश होने की दशा में तिरपाल आदि, केंद्रों पर दो जाली वाले अच्छे किस्म के छन्ने, पंखे, बोरों की सिलाई के लिए स्टिचिंग आदि की व्यवस्था मंडी समिति की ओर से की जाएगी। शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों का लखनऊ में प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।
मालूम हो कि पिछले वर्ष 25 हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज सवा सात फीसदी यानी 1809.207 एमटी खरीद की गई थी। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 51 क्रय केंद्र खोले गए थे। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व गांवों से क्रय केंद्रों के संबद्धीकरण की कार्रवाई प्रक्रिया में है।