किसी बड़ी वारदात के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर ढिंढोरा तो खूब पीटा
जाता है, लेकिन धरातल पर होता कुछ नहीं। दिल्ली के वसंत विहार में निर्भया
कांड का मामला रहा हो या फिर हाल में पाकिस्तान के पेशावर में हुई आतंकवादी
घटना में मारे गए स्कूली बच्चों का।
इन दोनों बड़ी घटनाओं के बाद गृह
मंत्रालय और सरकार की ओर से शिक्षण संस्थाओं का सुरक्षा घेरा मजबूत करने का
दिशा निर्देश जारी किया गया लेकिन आदेश ताख पर है। स्कूलों में न तो
कंक्रीट की दीवारें बनीं, न तारबाड़ लगवाया गया और न ही स्कूलों के गेटों
पर चौकीदार तैनात किए गए।
यही नहीं माध्यमिक विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे
भी नहीं लगवाए गए। जिले के सरकारी किसी भी विद्यालय में न तो गार्डों की
तैनाती है और न ही लोहे की ग्रिल और सीसीटीवी कैमरे। कई विद्यालयों की
चारदीवारी ढह चुकी है। ऐसे में आतंकी हमले के खिलाफ खुद को तैयार रखने की
सरकारी कवायद फुस्स होती दिखाई दे रही है।
पाकिस्तान के पेशावर स्थित
सैनिक स्कूल में पिछले दिनों आतंकवादियों ने हमला कर 132 स्कूली बच्चों
सहित कुल 141 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। स्कूल पर हुए आतंकी हमले
के मद्दे नजर केन्द्र सरकार ने देश भर के सभी स्कूलों को सुरक्षा मजबूत
करने का दिशा-निर्देश जारी किया।
निर्देश के तहत आतंकी हमला होने पर क्या
किया जाए और इससे कैसे बचा जाए के साथ ही स्कूल के चारों ओर कंक्रीट की
मजबूत दीवार बनाने, तीन से चार गेट होने, सीसीटीवी लगाने एवं स्कूल के गेट
पर 24 घंटे सुरक्षा गार्डों की तैनाती की बात कही गई है। सरकार ने स्कूलों
को दिशा-निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन इसका कहीं भी अनुपालन नहीं हो
रहा है।
हालत यह है कि जिले के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कालेजों में
सुरक्षा गार्डों, सीसीटीवी, कंक्रीट की दीवार, लोहे की ग्रिल, सीसीटीवी
अलार्म प्रणाली की कौन कहे कई विद्यालयों में चहारदीवारी और समुचित रोशनी
का भी प्रबंध नहीं है। दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद छात्राओं की
हिफाजत, उनके साथ विद्यालय परिसर में होने वाली छेड़खानी की घटनाओें को
रोकने के मकसद से सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए
कवायद शुरू की गई। इसको लेकर जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियाें और स्कूल
प्रबंधकों की ओर से बैठक कर इसके लिए फरमान सुनाए गए
लेकिन जिले के एक भी
सरकारी विद्यालय में इसकी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। ऐसे में
दुष्कर्म, छेड़खानी और आतंकी हमला होने की दशा में इन स्कूलों में की
सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। सीसीटीवी के संबंध में पूछे जाने पर जिला
विद्यालय निरीक्षक हृदय राम आजाद का कहना था कि छह माह पूर्व तत्कालीन
जिलाधिकारी सीपी सिंह की ओर से इस संबंध में दिशा निर्देश दिए गए थे
लेकिन
शासनस्तर पर इस संबंध में अभी तक न तो आदेश ही प्राप्त हुआ है और न ही इसके
लिए कोई बजट ही मिला है। पेशावर की घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा
व्यवस्था के लिए यदि प्रदेश सरकार और शासन की ओर से कोई आदेश आएगा तो उस पर
अमल जरूर किया जाएगा।