साइकिल से कासिमाबाद विकासखंड परिसर पहुंचकर विरोध जाहिर करते सचिव। संवाद
कासिमाबाद। ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली और गैर विभागीय कार्यों से जुड़े अव्यावहारिक निर्णयों के विरोध में ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिवों का सत्याग्रह आंदोलन बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। स्थानीय विकासखंड के सभी सचिवों ने विभागीय कार्यों का बहिष्कार किए बिना संसाधनों की मांग को मजबूती देने के लिए अपने निजी वाहनों का परित्याग कर साइकिल से क्षेत्र का भ्रमण किया। सचिवों ने कहा कि शासन की ओर से बिना संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन उपस्थिति और अतिरिक्त कार्यों का बोझ थोपना व्यवहारिक नहीं है। क्षेत्र में दौरा, बैठकों एवं डिजिटल कार्यों के लिए पर्याप्त साधन न मिलने से सचिवों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा है।
एडीओ आईएसबी धनंजय कुमार ने बताया कि सत्याग्रह आंदोलन के केंद्रीय कार्यक्रम के तहत एक दिसंबर से सचिव चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। तीसरे चरण के तहत 10 दिसंबर से सभी सचिव अल्प वाहन भत्ता और संसाधनों की कमी की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यंत्र चालित वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे।
सचिवों ने बताया कि शासन की ओर से दिए जा रहे साइकिल भत्ते के अनुरूप, वह अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए साइकिल, बैट्री रिक्शा आदि मानव चालित वाहनों से ही क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कार्य बहिष्कार नहीं है, बल्कि विभागीय कार्य जारी रखते हुए अधिकारों और संसाधनों की मांग का सशक्त माध्यम है। सचिवों का कहना है कि उचित संसाधन मिलने से कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी होगी। इस मौके पर अजित कुमार गुप्त, शिशिर सिंह, रितेशचंद्र राय, रानी कुशवाहा, अनिल शर्मा, विवेक रंजन आदि मौजूद थे।