फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: एसडीएम ने कानूनगो को दी प्रतिकूल प्रविष्टि, लेखपाल के खिलाफ आरोप पत्र जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
कासिमाबाद। कासिमाबाद तहसील के शहबाजपुर ग्राम पंचायत में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से किए गए अवैध आवासीय पट्टे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अमर उजाला द्वारा बृहस्पतिवार के अंक में प्रकाशित खबर शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में 29 अपात्रों को आवासीय भूमि का पट्टा शीर्षक नमक खबर छपने के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम राजेश प्रसाद ने तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम गठित करते हुए संबंधित कानूनगो के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ लेखपाल के खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए तीन अपात्रों के पट्टा निरस्त करने की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी है।
विज्ञापन

मालूम हो कि शाहबाजपुर ग्राम पंचायत के मूल निवासी राजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि ग्राम पंचायत में 29 लोगों को उपजिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 30 सितंबर को आदेश जारी कर आवासीय पट्टा की स्वीकृति दी गई है। पत्र में लिखा है कि कानून को ताखपर रखकर उप जिलाधिकारी कासिमाबाद सहित क्षेत्रीय कानूनगो के साथ लेखपाल की मिली भगत से नियमों को ताक पर रखकर अपात्र लोगों को भूमि आवंटित कर दी गई है। जबकि 1975 से अभी तक ग्राम पंचायत में किसी अधिकारी ने पट्टा करने की जहमत मोल नहीं लिया। शिकायती पत्र में लिखा है कि आवासीय भूमि ऐसे लोगों को दी गई है जो काफी रसूखदार और लंबी चौड़ी खेती बाड़ी के साथ ट्रैक्टर ट्यूबेल और चार पहिया वाहन रखने वाले हैं। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद तहसील प्रशासन हरकत में आते हुए तहसीलदार जय सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित करते हुए दो छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए तीन अपात्रों का पट्टा निरस्तीकरण का पत्र जिला प्रशासन को भेजा है। वर्ष 2016 से संचालित इस तहसील में भूमि संबंधी आवंटन की यह तीसरी बड़ी शिकायत है। पिछली दो शिकायतों में ग्रामीणों द्वारा लंबी लड़ाई लड़ने के बाद भी अभी तक लोगों को न्याय नहीं मिला है। इस संबंध में तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी द्वारा जांच कमेटी बनाई गई है। कानूनगो सेचन सिंह यादव के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया है। इसके साथ ही तीन अपात्रों को चिन्हित करते हुए उनका पट्टा निरस्त करने के लिए जिला प्रशासन को जांच रिपोर्ट भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें