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अभिभावकों के खाते में जाएगी ड्रेस की धनराशि

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गाजीपुर। बेसिक विद्यालयों छात्र-छात्राओं को अब स्वेटर और ड्रेस देने की जगह इसकी राशि उनके अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। वर्तमान शिक्षा सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका लाभ जिले के 2269 विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 85 हजार 26 बच्चे उठाएंगे। जिले में बेसिक के कुल 2269 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक और 449 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। कंपोजिट विद्यालयों की संख्या बढ़ने से प्राथमिक की संख्या लगभग 500 और उच्च प्राथमिक की संख्या 350 घट गई है। कंपोजिट विद्यालय का नाम बदलकर अब कंपोजिट विद्यालय (कक्षा-एक से आठ) कर दिया गया है। कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे भी इसका लाभ ले रहे हैं। वर्तमान सत्र में समय से ड्रेस का वितरण करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। प्रधानाध्यापकों द्वारा अभिभावकों की खाता संख्या ली जा रही है जिसे 15 जुलाई तक प्रेरणा पोर्टल पर फीड किया जाएगा। संभवत: अगस्त माह में यह धनराशि अभिभावकों के खाते में आ जाएगी। जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा अमित कुमार राय ने बताया कि वर्तमान में एक बच्चे को दो ड्रेस देने की व्यवस्था है। इन दो ड्रेस की लागत 600 रुपये है। ड्रेस वितरण की पारदर्शिता कायम रखने के लिए यह धनराशि सीधे अभिभावक के खाते में भेजने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रति बच्चा स्वेटर के लिए 200 रुपए, जूता मोजा के लिए 260 रुपए और बैग के लिए 150 रुपए की धनराशि निश्चित की गई है। ड्रेस वितरण के लिए अभिभावकों के खातों में त्रुटियों का संशोधन किया जा रहा है। संशोधन के बाद धनराशि सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी।
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