गाजीपुर जिले में कड़ाके की सर्दी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि बीते एक सप्ताह से कोहरे और सर्द हवाओं के कहर के बाद पिछले दो दिनों की तरह रविवार को भी धूप निकली उससे कुछ राहत मिली लेकिन शाम होते ही सर्द हवाओं संग गलन से लोगों की कंपकंपी छूट गई। गलन की वजह से लोग घरों में कैद हो गए। इस कारण बाजारों में सन्नाटा रहा। रविवार का न्यूनतम तापमान 5.8 और अधिकतम 15.9 डिग्री सेल्सियस रहा। गलन एवं कड़ाके की ठंड से लोगों को घर के भीतर भी राहत नहीं मिल रही थी। गरम कपड़ों से लदे होने के बाद भी लोग ठिठुरते रहे।
कंपकपाने वाली ठंड में कोल्ड डायरिया और निमोनिया से बीमार पड़ने वाले मरीजों की संख्या मेें लगातार वृद्धि होती जा रही है। यही नहीं सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित भी ओपीडी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन 20 से 25 कोल्ड डायरिया के मरीज उपचार करा रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर एहतियात बरतने एवं जरूरत पड़ने पर घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
न्यूनतम तापमान गिरने से ठंड ने जनपद को चपेट में ले लिया है। कोहरा, सर्द हवा और गलन एक साथ लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। धूप भी लोगों को राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों के लिए कष्टकारी हो जा रही है। खान-पान और संयमित भोजन न करने की स्थिति में और ठंड लगने से लोग कोल्ड डायरिया के चपेट में आ रहे हैं।
प्रतिदिन 20 से 25 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि पांच से छह मरीज वार्ड में भर्ती हो रहे हैं। यहीं नहीं निमोनिया से जहां बच्चे अधिक प्रभावित हैं, बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की थोड़ी लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है।