गाजीपुर/ दुल्लहपुर। जिले में बिना मान्यता बीबीए/बीसीए पाठ्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2016-2017 से 2023-2024 तक छात्रवृत्ति के नाम पर 4.26 करोड़ वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। जांच के दौरान खुलासा होने पर समाज कल्याण अधिकारी रामनगीना यादव और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गिरजा शंकर सरोज ने छह सितंबर काे अलग-अलग तहरीर देकर माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज के प्रबंधक और प्राचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि निदेशक समाज कल्याण, लखनऊ का पत्र 16 जून को आया था। पत्र के साथ आरटीआई कार्यकर्ता गौसपुर बुजुर्गा निवासी डाॅ. एम खालिद की ओर से 30 मई का शिकायती पत्र भी संबद्ध था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री काॅलेज कुडिला जखनिया में बीबीए/बीसीए की मान्यता नहीं होने के बावजूद संस्था ने छात्रों का छात्रवृत्ति आवेदन वित्तीय वर्ष 2019-2020, 2020-2021, 2021-2022 में भेजकर धनराशि का गबन किया है। इसकी जांच उपनिदेशक समाज कल्याण वाराणसी मंडल ने की, जो एक सितंबर को पूरी हुई। जांच में उपनिदेशक समाज कल्याण वाराणसी ने आरोप को सही पाया। जांच में सामने आया कि बीबीए एवं बीसीए पाठ्यक्रमों की मान्यता न होने के बाद भी काॅलेज प्रबंधन ने वर्ष 2016-2017 से 2023-2024 तक छात्रवृत्ति के आवेदन पत्रों को भेजकर 2,80,22,402 (दो करोड़ अस्सी लाख बाइस हजार चार सौ दो रुपये) का भुगतान करा लिया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गिरजा शंकर सरोज ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता डाॅ. एम खालिद के शिकायती पत्र पर शिक्षण संस्थान माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री काॅलेज कुड़िला जखनिया में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के गबन के संदर्भ में उप निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण वाराणसी ने बीते तीन सितंबर को जांच पूरी की। इसमें माता कुसुम देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज कुड़िला, जखनिया की ओर से वर्ष 2017-2018 से 2023-2024 तक कुल 1,46,37,457 (एक करोड़ छियालिस लाख सैंतीस हजार चार सौ सत्तावन रुपये) का कूटरचित तरीके से छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान करा लिया गया है। कोतवाल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों अधिकारियों की तहरीर पर कॉलेज के प्रबंधक और प्राचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, संस्थान के प्रबंधक विपिन सिंह ने बताया कि यह जांच का विषय है, इसमें कुछ लोग साजिश रच रहे हैं। जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और न्याय मिलेगा। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा की हकीकत क्या है।