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Ghazipur News: महिला शिक्षा की समर्थक थीं सावित्री बाई फूले

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दिलदारनगर में सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह में बोलते मुख्य अतिथि नंदकुमार। संवाद
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गाजीपुर। जनपद के अलग-अलग स्थानों पर शनिवार को सावित्री बाई फूले की जयंती मनाई गई। इस दौरान उनके विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया गया। महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा और स्वावलंबन को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
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देवकली : कुशवाहा महासभा की ओर से तहसील कार्यालय सैदपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि तीन जनवरी, 1831 को खंदोजी नेवसे के घर सावित्री बाई फूले का जन्म हुआ था। 1840 में 9 वर्ष की उम्र में उनका विवाह ज्योति राव फुले के साथ हो गया। उनके पति महिलाओं की शिक्षा के समर्थक थे।
पूर्व सासंद जगदीश कुशवाहा व राजेश कुशवाहा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले को उनके रूढ़िवादी पिता ने घर से निकाल दिया था, तब उस्मान शेख ने महात्मा फुले को रहने के लिए घर दिया। इस मौके पर रामनरेश कुशवाहा, सुधाकर कुशवाहा, राजपति एडवोकेट, रामकिशुन, रमाशंकर आदि मौजूद रहे।
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दिलदारनगर : कुशवाहा विचार व विकास मंच के बैनर तले जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय माली समाज महासभा उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष नंद कुमार ने कहा कि महिलाओं को क्षितिज देने की जरूरत है, तभी वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक महिलाओं को शिक्षा और अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समाज का समग्र विकास अधूरा रहेगा। इस मौके पर श्याम सिंह सैनी ने भी अपने विचार रखे।
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