हिंदी संस्थान लखनऊ ने जिले के लठ्ठूडीह गांव निवासी युवा कवि संजीव कुमार त्यागी के भोजपुरी काव्य संग्रह ‘ए सरकार किसान हईं हम’ को भिखारी ठाकुर सर्जना सम्मान से नवाजा है। पुरस्कार के तौर पर साहित्यकार को चालीस हजार रुपए की धनराशि मिलेगी।
संजीव वर्तमान में जनता इंटर कॉलेज एटा जालौन में हिंदी के शिक्षक हैं। उन्होंने इस पुस्तक में 21 कविताएं लिखी हैं। समाज की विभिन्न समस्याओं खासकर किसानों की दुर्दशा, गरीबी एवं भ्रष्टाचार पर फोकस किया है। उन्होंने पूरी किताब भोजपुरी में लिखी है जिसमें कृषि प्रधान इस देश में किसानों की राजनीतिक दृष्टिकोण से अलग असली व्यथा उजागर किया है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी की मीठी सुगंध को जनमानस में पहुंचाने के लिए प्रयास किया है। पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। पुरस्कार मिलने से उनके गांव तथा क्षेत्र में हर्ष की लहर है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।