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सहेड़ी है दूर, नगर के करीब ड्रग वेयर हाउस बनाने की कवायद

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ड्रग वेयर हाउस बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया गया है। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। टीम ने सहेड़ी में भूमि चिह्नित की थी, लेकिन अधिक दूरी होने के कारण अब नगर के आस-पास ही जमीन चिह्नित करने कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिससे दवा भंडारण केंद्र बने ट्रामा सेंटर को खाली कराया जा सके और ट्रामा सेंटर का संचालन कराया जा सके।
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शहर के गोराबाजार स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में स्थापित कराए गए ट्रामा सेंटर में दवाइयों का भंडारण होने से शासन द्वारा जिस उद्देश्य से स्थापित कराया था, उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है। दुर्घटना और हादसे में घायल मरीजों को जहां उपचार के लिए अन्यत्र जनपदों में रेफर कर दिया जा रहा है। वहीं तत्काल उपचार न मिलने की स्थिति में उनकी मौत भी हो जा रही है। वहीं ड्रग वेयर बने ट्रामा सेंटर में सरकारी अस्पतालों को वितरित करने के लिए जीवन रक्षक दवाइयां रखी गई हैं, जिसे अन्यत्र ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन अब ठोस रणनीति के साथ ड्रग वेयर हाउस स्थापित कराने के लिए भूमि चिह्नित करने में जुटा हुआ है, जिससे भवन का निर्माण कराकर ट्रामा सेंटर में रखी गई दवाइयों को वहां रखा जा सके और वितरण भी आसानी हो सके। इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर टीम ने सहेड़ी स्थित खाली पड़ी सरकारी भूमि को चिह्नित किया था। लेकिन नगर क्षेत्र से उसकी दूरी अधिक होने पर सीएचसी, पीएचसी, जिला महिला और जिला अस्पताल में दवाइयों की आपूर्ति के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में टीम अब नगर के ही आस-पास जमीन की तलाश में जुटी है, जिससे भवन का निर्माण कराकर वहां ड्रग वेयर हाउस स्थापित कराया जा सके। इस संबंध में एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि ड्रग वेयर हाउस के लिए भूमि चिह्नित करने का क्रम जारी है। भूमि मिलते ही हाउस स्थापित कराने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से होगा हाउस लैस
गाजीपुर। भूमि चिह्नित करने के बाद भवन निर्माण के बाद ड्रग वेयर हाउस स्थापित कराया जाता है, तो इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां रखी जाने वाली जीवन रक्षक की दवाइयां खराब न हो इसके लिए अत्याधुनिक मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे दवाइयों पर तापमान का खास असर न पड़े। हालांकि अभी भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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