जिले के परिषदीय विद्यालयों में नव नियुक्त शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर उन्हें वेतन का भुगतान किया जा रहा है। अब तक साढ़े सत्रह सौ से अधिक शिक्षकों को वेतन का भुगतान कर दिया गया है। शेष शिक्षकों के शपथ पत्र जमा करते ही उन्हें वेतन का भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के सापेक्ष जिले में 1785 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। वैश्विक महामारी कोरोना के कहर तथा लॉकडाउन की वजह से इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों तथा प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा नहीं हो सका है। सत्यापन के अभाव में वेतन की समस्या को देखते हुए शासन ने शपथपत्र लेकर भुगतान करने का आदेश दिया। शपथपत्र में शिक्षकों को यह बताना है कि ऑनलाइन आवेदन के समय उनकी तरफ से प्रस्तुत किए गए स्नातक एवं प्रशिक्षण संबंधी सभी शैक्षिक अभिलेख सही हैं। कोई भी अंकपत्र और प्रमाणपत्र कूटरचित या फर्जी नहीं है। सत्यापन के बाद अगर उनका कोई अभिलेख फर्जी पाया गया तो उनकी नियुक्ति स्वत: निरस्त समझी जाएगी। शपथ पत्र लेकर उनको वेतन का भुगतान किया जा रहा है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी गुलशन उवर ने बताया कि अब तक 1764 नव नियुक्त शिक्षकों की तरफ से शपथपत्र जमा किया गया है। उनको वेतन का भुगतान कर दिया गया है। शपथ पत्र जमा होने के बाद शेष शिक्षकों को विभाग की तरफ से वेतन जारी कर दिया जाएगा।