मनिहारी। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के औचक निरीक्षण में मंगलवार को विकासखंड मनिहारी की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। निरीक्षण के दौरान जहां ब्लॉक स्तर पर योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इसके बाद डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी का निरीक्षण किया, जहां ओपीडी, इमरजेंसी, दवा वितरण कक्ष और वार्डों के निरीक्षण के दौरान दो डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट समेत करीब 38 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। केवल दो स्टाफ नर्स मौजूद थीं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बीडीओ के अलावा अनुपस्थित सभी 38 कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
ब्लॉक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की, लेकिन खंड विकास अधिकारी मनिहारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नाराज डीएम ने अनुशासनहीनता मानते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर भी असंतोष जताया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी जखनियां को क्षेत्र पंचायत के पांच कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके अलावा तीन महीने के भीतर पूरे ब्लॉक के सौंदर्यीकरण का निर्देश देते हुए साफ कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित एमओवाईसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। इस पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।