इलाहाबाद कचहरी में अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या को लेकर अधिवक्ताओं का रोष थम नहीं रहा है। बार काउंसिल आफ इंडिया और बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को कचहरी खुलने पर एक बार फिर जिले भर के अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। इसके धरना-प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्यालय स्थित पुलिस आफिस तिराहे पर चक्काजाम किया। बाद में प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन एडीएम को साैंपा।
सिविल बार एसोसिएशन की ओर से दिए गये ज्ञापन में कहा गया है पुलिस अधीक्षक इलाहाबाद की ओर से सुबूतों से छेड़छाड़ कर आरोपी दरोगा को बचाने की कोशिश की जा रही है। आंदोलित अधिवक्ताओं को फ र्जी तौर पर फं साया जा रहा है। प्रदेश सरकार संवेदनहीन हो गई है। कहा कि अगर आरोपी दरोगा को अविलंब बर्खास्त कर मुकदमे का ट्रायल शुरू नहीं कराया गया तोे अधिवक्ता खामोश नहीं बैठेंगे। ज्ञापन देने वालों में राजेन्द्र विक्रम सिंह, जय सूर्य भट्ट, विजय शंकर पाण्डेय, सुरेश सिंह, धीरेन्द्र सिंह, चन्द्रमोहन सिंह, अमरेन्द्र सिंह, राजेश राय, उपाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार पाण्डेय, संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश वर्मा और कार्यवाहक महासचिव मुन्नालाल आदि प्रमुख रहे।
उधर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता भी इलाहाबाद की घटना के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके अलावा टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यो से विरत रहते हुए परिसर में सभा कर घटना की निन्दा की। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार इलाहाबाद घटना के विरोध में सोमवार को बार काउंसिल आफ इण्डिया के आवाहन पर स्थानीय अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
जमानिया संवाददाता के अनुसार तहसील में सोमवार को बार एसोसिएशन कि बैठक तहसील सभागार में अध्यक्ष गोरख नाथ सिंह कि अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें इलाहाबाद कोर्ट में अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान अध्यक्ष गोरख नाथ सिंह ने कहा कि अगली रणनीति बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार तय की जाएगी। बैठक में महासचिव उदय नारायण सिंह, कमल कान्त राय, मेराज हसन, फौसल होदा, काजी शकील, राम जी राम, सुरेन्द्र प्रसाद, अंजनी कुमार, सोहन यादव, सुनील कुमार, अशोक आदि लोग उपस्थित रहे।