सावन के चौथे सोमवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भोले के भक्तों का हुजूम उमड़ा। सुबह से ही दर्शन-पूजन का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक जारी रहा। भोले भंडारी को खुश करने के लिए श्रद्धालुओं ने भांग-धतूरा, बेलपत्र आदि चढ़ाकर उनसे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मरदह स्थित महाहर धाम में हजारों कांवरियों ने शिव का जलाभिषेक किया। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे।
सावन माह के पहले सोमवार से ही जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में चौथे सोमवार को भी शिवालयों में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह से हो श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू था, जो देर शाम तक जारी रहा।
मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के साथ ही भांग-धतूरा और बेलपत्र चढ़ाकर उनसे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के गोरा बाजार स्थित बूढ़ा महादेव, लाल दरवाजा स्थित शिव मंदिर, रायगंज स्थित मंदिर और चीतनाथ स्थित शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
बूढ़ा महादेव मंदिर में शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंच रहे थे। भीड़ के दबाव को देखते हुए मौजूद पुलिस कर्मियों ने भक्तों को कतारबद्ध कराकर बारी-बारी से दर्शन करवाया। लाल दरवाजा स्थित मंदिर में भक्तों ने भोले का पूजन-अर्चन करने के बाद बगल में स्थित साईनाथ का भी मत्था टेका।