मनिहारी विकास खंड अंतर्गत गाजीपुर बहरियाबाद संपर्क मार्ग से सरायगोविंद की ओर जाने वाली सड़क पर रविवार को ग्रामीणों ने ढाई किलो मीटर तक जनप्रतिनिधियों की शवयात्रा निकाली। इस दौरान विधायक, सांसद एवं अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए आए पैसे की बंदरबांट कर ली गई, लेकिन सड़क नहीं बनवाई गई। कोल्डस्टोरेज के पास प्रतीकात्मक पुतले का दाह संस्कार किया गया।
शवयात्रा का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दूबे ने बताया कि गाजीपुर बहरियाबाद संपर्क मार्ग के लिये विशेष मरम्मत के नाम पर शासन से वर्ष 2011-12 में कुल 31 लाख 13 हजार रुपये नाबार्ड योजना के तहत स्वीकृत हुआ था। ग्रामीण लगातार इसके लिए निर्माण इकाई से लेकर जनप्रतिनिधियों के यहां दौड़ लगाते रहे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पैसे की बंदरबांट कर ली गई सड़क नहीं बनवाई गई।
दूबे ने बताया कि जनता दर्शन में दो बार लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री को सड़क के चित्र सहित मेल किया गया, जिस पर उनकी ओर से जिलाधिकारी को जांच का आदेश दिया गया जो अभी भी ठंडे बस्ते में है। गत 23 नवंबर को ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया था। शवयात्रा में शामिल लोग अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को कोस रहे थे। इस अवसर पर मोहन यादव, अवधेश, सोनू, राजू, संतोष, अरविन्द, मनोज, पारस यादव, रविन्द्र यादव, दधिबल, मुसाफिर, राकेश, गुडडू, सुदामा, संजय, दिनेश, महेश यादव आदि लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।