रौजा स्थित लॉन में राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ राजीव का माल्यार्पण कर सम्मानित करते अश
गाजीपुर। विशाल भारत संस्थान के अशफाक उल्ला खां शिक्षा इकाई ने पूर्वजों और परंपराओं की सांस्कृतिक विरासत विषय पर रविवार को रौजा स्थि एक लॉन में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव ने कहा कि खून बहाने से नहीं खून देने से रिश्ता बचेगा। अपनी मातृभूमि और जड़ों से जो अलग हुए दुनिया आज भी उन्हें स्वीकार नहीं की। आज किसी को कह दें कि पाकिस्तान चले जाओ तो बुरा मान जाता है। संबंधों की वकालत कर देश को जोड़ना ही मकसद है। हिंदू मुस्लिम संवाद केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर मुहम्मद नसीम रजा सिकरवार ने कहा कि हम जब भी अपने पूर्वजों की तलाश करेंगे तो एक ही खानदान के निकल जाएंगे। भारत में रहने वाले सभी एक-दूसरे से जुड़े हैं, बस पीछे जाकर अपने पूर्वजों को खोजने की जरूरत है। प्रदेश प्रभारी नौशाद दूबे ने कहा कि हम ब्राह्मण हैं, वो हजारों सालों से हैं, हम न अपनी जाति बदल सकते हैं और न गोत्र। हम मुगलों, तुर्कों, अरबों की उधार की टाइटल नहीं लगाएंगे और न उनके देश की संस्कृति मानेंगे। हमारे पूर्वजों की विरासत यहीं की है और यहीं की संस्कृति और संस्कार भी होगा। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अर्चना भारतवंशी ने कहा कि सभी जातियों और धर्मों के लोग एक साथ एक परिवार में रहकर दुनिया को संदेश दे रहे हैं कि संबंधों को निभाने में कोई संघर्ष नहीं है। इसके पहले विषय प्रस्तावना रिसर्च सेंटर की निदेशक आभा भारतवंशी ने रखा। वेद प्रकाश श्रीवास्तव को इस दौरान हिंदू मुस्लिम संवाद केंद्र का उत्तर प्रदेश संयोजक मनोनीत किया गया। संचालन युवा परिषद के प्रदेश प्रमुख विवेकानंद सिंह ने किया और धन्यवाद इकाई प्रमुख आफताब आलम ने दिया। इस मौके पर ज्ञान प्रकाश, शहाबुद्दीन तिवारी जोसेफ, नीलमणि सिंह, उदित गुप्ता, हकीक अहमद, हलाल अहमद, सलमान आदि मौजूद रहे।