रेलवे स्टेशन को माडल स्टेशन के रूप में बदलने के लिए उसके कायाकल्प का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले कुछ महीनों के भीतर रेलवे स्टेशन का पूरी तरह बदला नजर आएगा।
वर्ष 2009 के रेल बजट में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने स्टेशन को माडल स्टेशन घोषित किया था। लेकिन दानापुर मंडल के अधिकारियों की उदासीनता आड़े आ रही थी।
केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद जब रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा बने तो रेल खंड के अंतर्गत उनके संसदीय क्षेत्र के जमानिया, दरौली, दिलदारनर, भदौरा, गहमर आदि स्टेशनों का कायाकल्प करने के लिए रेल अधिकारियों की भागदौड़ शुरू हो गई है। पुराने भवन में चल रहे टिकट बुकिंग एवं आरक्षण काउंटर पर यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अलग बुकिंग तथा आरक्षण भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
प्लेटफार्म संख्या-1 पर पेयजल का संकट दूर करने के लिए तीन अतिरिक्त नए वाटर बूथ का निर्माण कराया जा रहा है। इससे अब पानी के लिए यात्रियों को धक्का-मुक्की से निजात मिल जाएगी। स्टेशन पर लगे कोलतार के फर्श को उखाड़कर सीसी फर्श की ढलाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। मानक के अनुसार फर्श बन जाने पर यात्रियों को असुविधा नहीं होगी।