मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) ऑनलाइन पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों का शत प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण अगर समय से नहीं किया गया तो इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी सीएमओ और एमओआईसी की होगी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने सीएमओ को पत्र के माध्यम से चेताया है।
मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए शासन की ओर से यह कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए एमसीटीएस (मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) नामक पोर्टल बीते वर्ष के अप्रैल माह में शुरू किया गया था। इस पोर्टल पर ब्लॉक स्तर से गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, बच्चों के टीकाकरण, प्रसव में जटिलता, रक्ताल्पता वाली गर्भवती महिलाओं एवं कम वजन के बच्चों के आंकड़ों की सूचना एकत्र कर फीडिंग की जाती है।
पोर्टल पर अपलोड आंकड़ों के आधार पर ही विभाग की ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों को मिले लक्ष्य के अनुरूप पोर्टल पर आंकड़ों की फीडिंग नहीं हो पाई है। एमसीटीएस कार्यक्रम में प्रगति संतोषजनक न होने के कारण भारत सरकार की ओर राज्य बजट में कटौती की जाती है। साथ ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शासन ने प्रदेश के सभी सीएमओ और ब्लाक एमओआईसी को निर्देश दिया है कि समय से लक्ष्य के सापेक्ष पोर्टल पर आंकड़ों की फीडिंग कर दी जाए। एमसीटीएस पोर्टल पर गभर्वती महिलाओं एवं बच्चों का पंजीकरण वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत की जाए। पंजीकरण के बाद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाओं को एमसीटीएस पोर्टल पर अपडेट करने का भी निर्देश दिया गया है।