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डाक्टर कफील पर रासुका के विरोध में भाकपा (माले) का प्रदर्शन

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गाजीपुर। भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व निर्धारित प्रदेश व्यापी कार्यक्रम के तहत डाक्टर कफील को रिहा करने को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने कफील पर रासुका का विरोध करते हुए योगी सरकार के खिलाफ में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि प्रदेश एवं जिले में दलितों तथा गरीबों पर हो रहे सामंती हमले की घटनाओं पर लगाम लगाया जाय। आंदोलनकारियों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए। खानपुर गांव में प्रतिवाद दिवस के माध्यम से बिना शर्त रिहाई की मांग की गई। माहपुर प्रतिवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के जिला सचिव राम प्यारे राम ने कहा कि डाक्टर कफील पर रासुका लगाना एकदम नाजायज है। विरोध की आवाज को दबाने का फासीवादी कदम है। 2017 में सरकार की आपराधिक लापरवाही के चलते गोरखपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर के अभाव में 60 से ऊपर लोगों की दिमागी बुखार से मौत हो गई। योगी सरकार ने अपनी कमी और कमजोरियां छिपाने के लिए डाक्टर कफील पर मुकदमा लाद कर जेल भेज दिया। बांद में जांच आयोग ने उन्हें बरी कर दिया। देशभर में सीए, एनआरसी जैसे काले कानून लाने के विरोध में डाक्टर कफील ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आंदोलन का समर्थन किया था। इसी की वजह से मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर मोदी और योगी सरकार ने जेल भेज दिया। कार्यक्रम में बेचू बनवासी, प्रकाश बनवासी, रामजन्म बनवासी, हनुमान, राजा, संजय, नंदकिशोर आदि ने भाग लिया।
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