वहीं, प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने दोटूक लहजे में कहा कि शासन और प्रशासन के निर्देश हैं कि शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। किसी भी नए स्थल पर बिना पूर्व अनुमति के कोई नया धार्मिक अनुष्ठान या नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता और मंथन का दौर चलता रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल सतर्क है और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं जब समिति के लोग मंच से हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस ने जबरन लोगों को पकड़ कर कोतवाली ले गई और मंच खाली कराया।
वहीं बड़ी संख्या में पुलिस बल वो घाट पर डटी रही।इस अवसर पर नारायण दास चौरसिया, मुन्ना गुप्ता, गोविंद चौबे, नगसर थानाध्यक्ष वीरेंद्र सोनकर, दिलदारनगर संतोष कुमार राय, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, लेखपाल रूपेश रंजन सिन्हा, कानूनगो नसीमुल्लाह अंसारी, शाह आलम, विजय सिंह, संदीप यादव, दीपक मिश्रा आदि सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।