राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रस्ताव पर ताड़ीघाट से गाजीपुर सिटी तक रेल मार्ग विस्तार और गंगा नदी पर डबल डेकर रेल-सह-रोड ब्रिज परियोजना की आधारशिला 14 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई। कुछ ही वर्षों में ताड़ीघाट से गाजीपुर सिटी तक रेल मार्ग और गंगा नदी पर पुल का निर्माण पूरा कर लिया गया, लेकिन अब जानकारी मिली है कि गाजीपुर सिटी से मऊ तक प्रस्तावित रेल लाइन, जो दिल्ली-हावड़ा लाइन को वाराणसी-मऊ-छपरा लाइन से जोड़ने वाली थी, उसे बंद कर दिया गया है।
डॉ. संगीता बलवंत ने गाजीपुर सिटी से मऊ तक रेल मार्ग विस्तारीकरण परियोजना को पुनः प्रारंभ करने की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल और जनपद गाजीपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे शिक्षा, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश देश के विभिन्न रेल जोनों से सीधे जुड़ेगा। इस परियोजना का लाभ उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य बिहार को भी मिलेगा।