राजा रघुवंशी के परिजनों से बात करती उजाला।
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उजाला ने यह भी बताया कि वह बस में बैठे-बैठे इस हत्याकांड से संबंधित वीडियो देख रही थी, जिसे देखकर सोनम ने उसे मना किया, यात्रा के दौरान सोनम ने उजाला से उसका मोबाइल मांगा था और उसे पर एक नंबर डायल करके फिर फोन नहीं मिलाया और उसे मिटा दिया था।
बाद में सुबह जब उजाला को सोशल मीडिया और टीवी पर खबर दिखी, तो उसने तुरंत नंदगंज थाने और सोशल मीडिया से मृतक राजा रघुवंशी के भाई का फोन नंबर लेकर उनके घर भी फोन कर सूचना दी थी।
सोनम की पहचान के बाद राजा रघुवंशी के भाई सचिन ने चार संदिग्धों की तस्वीरें उजाला को पहचान के लिए भेजीं थी, लेकिन उजाला ने किसी की पहचान से इनकार किया। अब मेघालय पुलिस भी उजाला यादव से संपर्क कर रही है, और उजाला ने पुलिस को सहयोग देने का वादा किया है।
यह खुलासा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम कड़ी साबित हो सकता है सुरक्षित ही ये बात अब साफ हो गई कि सोनम गोरखपुर जाना चाहती थी, लेकिन वो परेशान हालात में गाजीपुर उतर कर पुलिस के सामने समर्पण कर दी।