तेज आंधी के दौरान पड़ाव चौराहे पर उड़ता धूल का गुब्बार व छाया अंधेरा। स्रोत:-जागरूक पाठक
जिले में शुक्रवार की दोपहर दो बजे अचालक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब 30 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी आई। एक घंटे तक बारिश भी हुई। एक सप्ताह में तीसरी बार बारिश हुई है। इससे दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश की वजह से न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। माैसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। किसान ओलावृष्टि के आशंका सहमे नजर आए। आंधी के चलते सड़कों पर धूल का गुबार छा गया। इससे दुकानदारों, राहगीरों को दिक्कत हुई। आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां व बिजली के तार टूटकर गिर गए। इससे आवागमन प्रभावित हो गया।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस वर्ष करीब 1.10 लाख हेक्टेयर में रबी की बोआई की गई है, जिसमें लगभग 95 से 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई है। इसके अलावा करीब 2 हजार हेक्टेयर में तिलहन और 12 हजार हेक्टेयर में दलहन (चना, मटर, मसूर) की खेती की गई है। 28 मार्च को बारिश से गेहूं की फसल लोट गई थी। वहीं अरहर और सरसों के बीज झड़ गए थे। एक अप्रैल को दिन में एक घंटे तक बारिश हुई थी। शुक्रवार की दोपहर में आंधी के साथ बारिश से किसान चिंतित हो गए। किसान अब मौसम साफ रहने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि समय पर फसल की कटाई कर सकें। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी ईरान के आसपास केंद्रित आगामी पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में आंधी के साथ वर्षा हुई है। ओलावृष्टि के साथ तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट होने की संभावना है।