शनिवार की रात और रविवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी। बारिश के बीच तेज हवा से एक तरफ जहां खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई, वहीं बारिश का प्रभाव दलहनी और तिलहनी फसलों के साथ कई सब्जियों और आम की फसल पर पड़ा है।
बार-बार मौसम के झटका देने से किसानों की कमर टूटती जा रही है।
मार्च माह के 15 और 16 तारीख को दो दिनों तक रुक-रुककर बारिश के साथ तेज हवा चली थी। बारिश के साथ तेज हवा के झोंकों से खेतों में लहलहा रही गेहूं, जौ, अरहर की करीब 25 फीसदी फसल गिर गई थी। तेज बारिश से अरहर के फूल झड़ गए थे। इससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। रविवार की सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश ने अरहर, प्याज, चना, मिर्च, भिंडी के साथ ही आम की फसल पर बारिश का खराब प्रभाव पड़ा है। बार-बार मौसम बदलने से किसानों को चिंता सताने लगी है।
वहीं दूसरी आेर बरसात से शहर और गांव की सड़कें नारकीय हो गईं। मार्गों पर कीचड़ फैलने से आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रुक-रुककर घंटों बना रहा।