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बदली छाई, बादल भी गरजे, लेकिन नहीं हुई बारिश

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गाजीपुर। मौसम की माया लोगों की समझ से परे होता जा रहा है। कभी घनघोर बदली छा जा रही और बादल गरजने लग रहे, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की या तेज बारिश और किसी क्षेत्र में धूप के बीच धूल उड़ रही है। चहुंओर जरूरत के हिसाब से बारिश न होने से एक तरफ जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी के अभाव में खेतों में दरार पड़ गई है। इससे फसल चौपट होने की आशंका को लेकर किसानों के माथे पर बल पड़ने लगा है।
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देखा जाए तो डेढ़ माह से मौसम का जो हाल है, उससे हर कोई परेशान है। भीषण गर्मी से कूलर-पंखा भी लोगों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में परेशान लोगों को झमाझम बारिश के आसार हैं लेकिन उनकी ख्वाहिश पूरी नहीं हो रही है। करीब तीन सप्ताह से लगातार सुबह से ही धूप और बदली का खेल शुरू हो जा रहा है। पल-पल पर धूप और छांव हो रहा है। कभी भी बादलों का कालापन इस कदर हो जा रहा है और बादलों में गड़गड़ाहट शुरू हो जा रही है कि जैसे लग रहा है कि आज तो इंद्रदेव अपनी कृपा से लोगों को धन्य कर देंगे लेकिन निराशा हाथ लग रही है। मौसम के इस खेल में अधिकांश ऐसा हो रहा है कि किसी इलाके में जहां तेज और धीमी बारिश हो रही है। वहीं किसी इलाके में चमकीली धूप के बीच धूल उड़ रही है। बीते सोमवार को पूरे दिन धूप-छांव के बीच रात में करीब दो बजे तेज हवा के साथ करीब 15 मिनट तक शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे मौसम खुशगवार हो गया। मंगलवार की सुबह से ही धूप-बदली का क्रम शुरू हो गया। इसी दौरान में नगर के महुआबाग जहां कुछ देर तक बारिश हुई, वहीं इलाकों में धूप खिली रही। कभी-कभी तो बदली इस कदर छा रही थी कि लग रहा था कि अब-तब शानदार बारिश होगी। शानदार बारिश न होने से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है, वहीं बारिश के अभाव में खेतों में दरार पड़ने लगी है। इससे फसल चौपट होने की आशंका से किसानों के माथे पर बल पड़ने लगा है। वह अच्छी बारिश के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए है।
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