बेमौसम हुई बरसात से सभी फसलों को नुकसान हुआ है।
हालांकि देर से बोई गई गेहूं की फसल पर तो मौसम का कुछ कम असर पड़ा है,
लेकिन तैयार फसल तेज हवा की वजह से गिर गई है। इसके अलावा बारिश की वजह से
अरहर, आलू, चना, मसूर की फसलें भी खासी प्रभावित हुईं। जिला कृषि अधिकारी
एके प्रजापति ने बताया कि मौसम अगर जल्द साफ हो जाए और हवा न चले तो फसल
क्षति से बच सकते है। बारिश से हुई क्षति का एडीओ एजी से सर्वे कराया जा
रहा है।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार जमीन नम होने के बाद
तेज हवा के चलने से बालियों में दाना पकड़ चुकी गेहूं की फसल गिर गई है।
सबसे ज्यादा नुकसान दहलन की फसल को पहुंचा है। करइल क्षेत्र में मसूर की
फसल अगर शीघ्र धूप नहीं निकलती है तो सड़ जाएगी। इसके अलावा मटर, चना,
मसूर, अरहर के फूल वर्षा से झड़ जाएंगे।
आलू की खुदाई रुक गई।
गेहूं के खेतों में जहां पानी चलाया जाना था, उसे बारिश से लाभ मिला है।
जिन खेतों में आलू की खुदाई हो चुकी है, बारिश हो जाने से उसमें अब बिना
चलाए प्याज का रोपाई और नाशपाती की खेती हो सकेगी। भांवरकोल क्षेत्र में
होने वाली मटर, टमाटर, मिर्च की फसल को भी वर्षा से क्षति पहुंची है।