जमानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के बाद लगा बारिश का गंदा पानी। संवाद
गाजीपुर। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। शहर में जहां दिनभर बादल छाए रहे और बूंदाबांदी हुई, वहीं भांवरकोल, नंदगंज, दिलदारनगर, भदौरा, रेवतीपुर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। 15 जुलाई की 34 डिग्री की तुलना में 16 जुलाई को तापमान 35 डिग्री रहा। तापमान में कमी आने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा।
भांवरकोल क्षेत्र के अमवा, शेरपुर, मछटी, सुकडेहरी, बाठा, कनुवान सहित कई गांवों में धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली। खेतों में पानी भरने के बाद किसान, महिलाएं और मजदूर सुबह से ही रोपाई में जुट गए। कई स्थानों पर ट्रैक्टरों से खेत तैयार किए गए तो कहीं महिलाएं पारंपरिक गीतों के बीच धान की रोपाई करती नजर आईं। स्थानीय किसान पारस पांडे ने बताया कि यदि दो-चार दिन और बारिश नहीं होती तो धान की नर्सरी सूखने लगती। पंपिंग सेट से सिंचाई करने में डीजल का खर्च लगातार बढ़ रहा था। बारिश ने किसानों की बड़ी चिंता दूर कर दी है।
हालांकि बारिश के बावजूद जिले के कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से घरों में पंखे और कूलर बंद रहे। लोगों को रात में जागकर समय बिताना पड़ा, जबकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
उधर, नंदगंज और आसपास के क्षेत्रों में सुबह करीब 8:45 बजे शुरू हुई बारिश लगभग आधे घंटे तक चली। किसानों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो धान की फसल के लिए यह काफी लाभकारी साबित होगी और खरीफ की खेती को मजबूती मिलेगी।
जमानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश के बाद लगा बारिश का गंदा पानी। संवाद