फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे ने रावण दहन स्थल को बदलवाया

विज्ञापन
विज्ञापन
औड़िहार जंक्शन के बाहर दक्षिणी हिस्से में आयोजित रामलीला एवं दशहरा पर रावण दहन को लेकर इस बार स्थानीय रेल प्रशासन गंभीर नजर आया। रविवार को रेलवे के अधिकारियों एवं आरपीएफ टीम ने रावण दहन स्थल को काफी जद्दोजहद करने के बाद बदलवा दिया।
विज्ञापन

अब रावण का आकार छोटा होगा और दहन गांधी द्वार के पास कम क्षेत्रफल में होगा। इधर रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी डा. कैलाशसिंह ने पहल करते हुए विवाद पर लोगों को समझा-बुझाकर विराम लगा दिया, लेकिन आरपीएफ के अधिकारियों की मनमानी पर रोष जताया है।
उन्होंने कहा कि रामलीला 75 वर्ष से चली आ रही। रामलीला का मंचन रामलीला समिति एवं नूतन कला मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में होता रहा है। जमीन को रेलवे ने रामलीला समिति को लीज पर आवंटित कर किराया लेती है। ऐसे में व्यवधान उत्पन्न करना जन भावनाओं का निरादर है। इसके लिए रामलीला समिति के लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन

इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि विगत वर्ष पंजाब में रावण दहन के समय हुए अफरा तफरी में पांच दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत एवं सैकड़ों व्यक्ति के घायल होने के कारण रेल परिसर में आग से जुटे किसी भी कार्यक्रम पर रेल प्रशासन अनुमति नहीं प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम स्थल के पास ही रेलवे टिकट घर एवं प्रवेश एवं निकास द्वार होने कारण जनहित में इस पर रोक लगाई गई है। रेलवे द्वारा उक्त समिति को रामलीला मंचन के 35 फुट चौड़ा, 35 फुट लंबी जमीन निश्चित शुल्क पर आवंटित की गई है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एके सुमन ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान देते रावण के पुतला दहन को स्थानीय रेल परिसर में रोका गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें