सुहवल। ताड़ीघाट-मऊ रेलखंड परियोजना के विस्तारीकरण के मामले में सक्षम न्यायालय के द्वारा दाखिल आर्बिटेशन के मामले में अभी तक निर्णय न देने से काश्तकारों में उहापोह की स्थिति है। दूसरी तरफ जमीनों पर कार्यदायी संस्था को कब्जा न दिलाए जाने से परियोजना अधर में लटकी है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों सहित रेलवे और कार्यदायी संस्था में प्रशासन की उदासीनता को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। बीते अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में परियोजना के बाबत केंद्र सरकार की संचालित परियोजना एवं प्रगति पोर्टल के नोडल अधिकारी प्रदेश के मुख्य सचिव एवं केंद्रीय उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव गुरुप्रकाश के नेतृत्व में रेलवे, राजस्व के अधिकारियों संग बैठक कर अब तक हुए कार्यों की समीक्षा के दौरान उक्त आला अधिकारियों ने डीएम तथा एडीएम से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जानकारी हासिल की थी। निर्देश दिया था कि आर्बिटेशन का अविलंब निस्तारण करने के साथ ही कार्यदायी संस्था को जमीन पर कब्जा दिलाया जाए, जिससे परियोजना किसी भी सूरत में प्रभावित न होने पाए। मुख्य परियोजना प्रबंधक विकास चंद्रा ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण तथा पंचायत चुनाव के चलते मामले के निस्तारण में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि इसके जल्द निस्तारण के लिए प्रयास जारी है।