पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण सिटी रेलवे स्टेशन पर रेल नीर नदारद है और घटिया, लोकल ब्रांड के बोतलबंद पानी की बिक्री हो रही है। स्टाल संचालक और वेंडर चांदी काट रहे हैं, जबकि यात्रियों की जेब ढीली हो रही है। रेलवे के नियमानुसार सिटी रेलवे स्टेशन पर स्थित स्टालों पर रेल नीर की बिक्री होनी चाहिए।
एक बोतल रेल नीर की बिक्री पर स्टाल संचालकों और वेंडरों को केवल तीन रुपये का लाभ होता है। जबकि लोकल ब्रांड के बोतलबंद पानी की बिक्री करके वह एक बोतल पर 12 रुपये तक कमा लेते हैं। यही कारण है कि सिटी रेलवे स्टेशन पर स्टाल लगाने वाले संचालक और वेंडर रेल नीर की बिक्री नहीं करना चाहते हैं। ट्रेनों के अंदर भी घटिया और लोकल ब्रांड के बोतलबंद पानी की बिक्री की जा रही है।
अधिकतर स्टाल पर लोकल ब्रांड के बोतलबंद पानी की बिक्री की जा रही है। लोकल ब्रांड के बोतलबंद पानी जहां 20 रुपये का एक बोतल मिलता है तो वहीं रेल नीर केवल 15 रुपये में मिल जाता है। इससे यात्रियों को प्रति बोतल पांच रुपये का लाभ होता है। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सभी रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर की बिक्री के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच कराई जाएगी।
इन दिनों तापमान 40 के पार चल रहा है। चिलचिलाती धूप में यात्रियों को बार-बार प्यास लग रही है। सिटी रेलवे स्टेशन पर लगे कुछ वाटर कूलर और वाटर वेंडिग मशीन बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में यात्री स्टालों से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर लगा वाटर कूलर धूल फांक रहा है।