गाजीपुर। धान की खरीद से पहले नमी मापक यंत्र से नमी की जांच की जाती है। 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। धान गीला या गंदा होने पर उसे तत्काल अस्वीकृत नहीं किया जाना है। केंद्र पर साफ करने एवं सुखाने का मौका देने का निर्देश है। इसके बावजूद कई केंद्रों पर धान में नमी बताकर केंद्र प्रभारी या तो कटौती कर ले रहे हैं या फिर उसे सुखाकर लाने को कहते हैं। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले को इस बार 22 लाख क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 136 क्रय केंद्र खोले गए हैं। पहली नवंबर से खरीद शुरू है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष खरीद की स्थिति अच्छी है। पिछले वर्ष अब तक 517 किसानों से 50691.75 क्विंटल खरीद हुई थी। वहीं इस साल 92 केंद्रों से 67609.50 क्विंटल धान 718 किसानों से खरीदा गया है। हालांकि कई केंद्रों पर धान में नमी बताकर कटौती करन और लौटाने की शिकायत आ रही है। इससे कुछ केंद्रों पर किसानों की संख्या काफी कम है।
मुहम्मदाबाद क्षेत्र के भदेसर निवासी किसान अवधेश कुशवाहा कहते हैं कि क्रय केंद्रों पर धान में नमी बता कर केंद्र प्रभारियों द्वारा 5-6 किलो तक कटौती कर ली जा रही है। बाजार में धान का मूल्य सरकारी रेट से अधिक मिल रहा है। इसलिए किसान अपना धान सरकारी क्रय केंद्र पर न देकर सीधे प्राइवेट व्यापारियों को बेच दे रहे हैं।
मुहम्मदाबाद के महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर नमी मापने की मशीन पर सरकारी मानक के अनुसार नमी होने के बाद भी केंद्र प्रभारियों की तरफ से धान में गंदगी बताकर 3-4 किलो तक प्रति क्विंटल कटौती कर ली जा रही है। मरदह क्षेत्र के किसान विरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह, वशिष्ठ शर्मा, बृजेश सिंह, संजय सिंह ने बताया कि नमी मापक यंत्र से जांच के बाद धान सूखा न होने पर उसे सुखाना पड़ रहा है। सूखने पर जांच होने के बाद तौल कराई जा रही है। मरदह क्षेत्र के सुलेमापुर देवकली धान क्रय केंद्र के प्रभारी जगदीश ने बताया कि धान खरीद केंद्र में नमी मापक यंत्र से धान की नमी की जांच की जाती है।
मानक ये है-
धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त एवं घुने दाने पांच, अपरिपक्व एवं सिकुड़े दाने तीन एवं अधोमानक प्रजाति का अपमिश्रण 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। धान गीला या गंदा होने पर उसे तत्काल अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। केंद्र पर साफ करने एवं सुखाने का मौका दिया जाएगा। इस संबंध में सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है।- अनुराग पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।