गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मंगलवार को एनएचएम संविदा कर्मियों ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में काला फीता बांधकर सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मियों द्वारा बिना कोई साप्ताहिक अवकाश के लगातार कोविड ड्यूटी और राजकीय कार्य किया जा रहा है। सरकार संविदा कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विरोध प्रदर्शन 31 मई तक पूरे जिले में चलेगा। कहा कि समान कार्य समान वेतन, गृह जिले में स्थानांतरण, समायोजन और सभी एनएचएम कर्मियों को 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस दौरान रवि चौरसिया, राजेश कुमार, संदीप कुमार, प्रतिभा विश्वकर्मा, अरुण कुमार सिंह, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाने के साथ काला फीता बांधकर जिला महिला अस्पताल में विरोध जताया। अध्यक्ष आलोक कुमार राय ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने की बात कहकर सिर्फ पांच प्रतिशत ही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस दौरान डा. विरेंद्र सिंह, उमेश रावत, दिलीप गुप्ता, राजीव श्रीवास्तव, प्रदीप पांडेय, विपिन सिंह, शैल कुमार, संजीव सिंह यादव आदि मौजूद छे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंधऊ, सहेड़ी, सुभाकरपुर, सादात, मिर्जापुर, मरदह, सैदपुर, भांवरकोल, मुहम्मदाबाद, बिरनो, जखनिया, मनिहारी, जमानिया केंद्रों पर कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर शासनादेश की प्रतियां जलाई गई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल अध्यक्ष दयाशंकर राय ने कहा की जितने भी कर्मचारी चाहे वह स्वास्थ्य के हों, शिक्षक हो, सफाई-कर्मचारी हो अथवा पुलिस सबको प्रोत्साहन भत्ता मिलना चाहिए। बेसिक हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष धनंजय तिवारी ने कहा कि विभाग के कर्मियों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाना चाहिए।