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जिले की विद्युत आपूर्ति ठप, चहुओर अंधेरा

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बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में लाल दरवाजा स्थित पावर हाउस पर आंदोलन करते बिजली विभाग के कर्म - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। बिजली महकमे के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का चल रहा आंदोलन सोमवार को नए मोड़ पर आ गया। सायंकाल लगभग पांच बजे से कर्मचारियों ने जिले भर के सभी उपकेंद्रों से बिजली की आपूर्ति ठप कर दी। इससे शाम के बाद चारो तरफ अंधेरा छा गया। जिले में करीब 57 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें से निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन काफी पहले से चल रहा था। पहले उन्होंने विरोध सभा किया। उसके बाद काली पट्टी बांधकर भी काम किया। इसके बाद सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलन के अगले चरण में उन्होंने प्रस्तावित हड़ताल को शुरू कर दिया है। विद्युत आपूर्ति बंद कर देने के बाद पूरे जिले में रात भर अंधकार छाया रहा। इधर उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं होने से घरों में जहां महिलाएं परेशान रहे, वहीं मरीजों बुजुर्गों और हर तबके के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दुबिहां संवाददाता के अनुसार निजीकरण के बिरोध मे सोमवार के दिन विद्युत कर्मचारियों के हडताल पर जाने क्षेत्र मे सुबह आठ बजे से कही भी बिद्युत आपुर्ति नहीं हो सकी जिससे लोगों के सामने पिने का पानी का संकठ खडा हो गया है । वही उमस भरी गर्मी मे लोग सुबह से ही परेशान हो उठे है । पावर हाउस पर क्षेत्रीय लेखपाल की ड्यूटी लगाइ गयी है सुरक्षा को देखते हुयी पुलिस भी निगरानी कर रही है ।सिधागरघाट संवाददाता के अनुसार महडौंर विद्युत उपकेंद्र से सप्लाई दिन भर बाधित रही। संविदा कर्मी उपस्थित रहे। लेकिन सोमवार की सुबह से ही विद्युत सप्लाई 132 के वी से सप्लाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रही। जिससे पाली,महड़ौर,व महुआरी फीडर के बिजली से संचालित होने वाले मशीन पूरी तरह बंद हो गये। दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार विद्युत पावर हाउस पर प्रदेश में बिजली निजीकरण को लेकर हो रहे कर्मचारियों की हड़ताल और कार्य बहिष्कार को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों शासन के निर्देश पर बिधुत उपकेंद्र पर राजस्व विभाग के दो लेखपाल तथा पुलिस बल को तैनात किया गया है ।इस सिलसिले में बिजली विभाग के सचिव अंबिका यादव से बातचीत हुई उन्होंने बताया कि संघर्ष समिति के तत्वाधान में एस एस ओ की ड्यूटी की जा रही है। इस मौके पर थाना के उपनिरीक्षक संतोष पांडे, लेखपाल जितेंद्र सिंह, सौरभ सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी तैनात है।कासिमाबाद संवाददाता के मुताबिक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। हालत ऐसी हो गई है कि जिले के अधिकांश फीडर की आपूर्ति सुबह से ही बंद चल रही है। वहीं शहर की आपूर्ति भी शाम पांच बजे के बाद बंद हो गई। आपूर्ति को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों का दावा पूरी तरह से हवा हवाई साबित हुआ। प्रदेश के विद्युत कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए सरकार पूरी तरह से आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ऱ्पीडब्ल्यूडी सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के जेई इंजीनियर को लगा रखा है। इसके बाद भी जिले के अधिकांश विद्युत उप केंद्रों की आपूर्ति लड़खड़ा गई है। हालत ऐसी हो गई है कि कोई कर्मचारी एक छोटा सा फाल्ट बनाने के लिए भी नहीं दिख रहे हैं। उप केंद्रों पर लगाए गए लेखपाल ड्यूटी से नदारद रहे सबसे खराब स्थिति कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले फिडरों की रही। महरौड़ विद्युत उपकेंद्र के साथ बहादुरगंज ग्रामीण एवं ढोटारी उप केंद्र सोमवार की सुबह से ही बंद चल रहें हैं। आपूर्ति देर रात तक बहाल नहीं हो पाई थी। आपूर्ति बहाल कराने के लिए उपजिलाधिकारी कासिमाबाद भारत भार्गव, तहसीलदार विराग पांडेय लगातार चक्रमण करते रहे, लेकिन उनका कोई बस नहीं चल सका और आपूर्ति पूरी तरह से बंद रही। यहां तक कि इन उप केंद्रों पर लगाए गए लेखपाल शाम होते ही फरार हो गए थे। इसी तरह गाजीपुर शहर की आपूर्ति भी पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। शाम को विद्युत आपूर्ति बंद रही। विद्युत आपूर्ति को लेकर जिले के सैदपुर, जखनिया, जमानिया, सेवराई, दिलदारनगर, मोहम्मदाबाद, भांवरकोल, मरदह, नंदगंज, खानपुर सहित सभी उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति ठप रही।
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