शराब को लेकर हंगामा करती महिलाएं।
संत रविदास मंदिर के बगल में खुली अंग्रेजी और देशी शराब और बियर की दूकान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। लोगों ने यहां से दूकानों को हटाए जाने की मांग की और मरदह-कासिमाबाद मार्ग पर प्रदर्शन किया। लोगों का गुस्सा देख सेल्समैन दूकान बंद कर भाग खड़े हुए।
कासिमाबाद सीओ ने लोगों को समझाते हुए दूकानें हटवाने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
कोर्ट द्वारा हाईवे से शराब की दूकानों को हटाने का आदेश जारी करने पर कुछ ही दिन पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग-29 से अंग्रेजी, देशी और बियर की दूकानों को हटाया गया था।
इन दूकानों को मरदह बाजार स्थित संत रविदास मंदिर के बगल में खोला गया। इससे लोगों में गुस्सा है। शुक्रवार को दूकानों को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने तीनों दूकानों को हटाने की मांग को लेकर मरदह-कासिमाबाद मार्ग पर प्रदर्शन किया।
लोगों का कहना था कि शराब की दूकान के सामने बैंक आफ इंडिया की शाखा है। इसके साथ ही संत रविदास मंदिर, दलित बस्ती, राजभर बस्ती जो महज दो सौ मीटर कि दूरी पर स्थित है। यहां पर शराब की दूकानों के खुलने की वजह से अराजकता का मौहाल हो गया है।
शराबी नशे में मारपीट करने के साथ महिलाओं और युवतियों पर छींटाकशी करने लगेंगे। लोगों का घरों से निकलना दुश्वार हो जाएगा। इसलिए इन दूकानों को यहां से हटाया जाए।
जानकारी होते ही कासिमाबाद सीओ हृयदानंद मौके पर पहुंचा। लोगों को समझा हुए दूकानों को हटवाने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। मालूम हो कि इससे पहले भी दलित बस्ती के लोगों ने दूकानों को हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था।