राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन में मनमानी के खिलाफ लोगों ने रविवार को रेवतीपुर मंडी समिति के मैदान में धरना दिया। उनका आरोप था कि कोटेदार अनाज प्रति यूनिट की दर से न देकर प्रति राशन कार्ड की दर से मुहैया करा रहे हैं। बचे हुए अनाज की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने इस पर रोक नहीं लगाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
धरना सभा में ग्राम गो रक्षा समिति के अनिल राय ने कहा कि कोटेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से गरीबों के अनाज की कालाबाजारी की जा रही है। कहीं कोटेदार निर्धारित दर से अधिक वसूली कर रहे हैं तो कहीं कोटे भर का अनाज दिया ही नहीं जा रहा। अनाज का नियमित वितरण नहीं हो रहा है। तौल में भी गड़बड़ी की जा रही है।
अधिवक्ता जय नारायन राय ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रति यूनिट के हिसाब से खाद्यान्न देना है जबकि कोटेदार राशन कार्ड के हिसाब से अनाज दे रहे हैं। अनाज वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में सतर्कता समिति गठित की गई है, जिसकी देखरेख में अनाज वितरित होना चाहिए लेकिन वितरण के समय दूकानों पर खाद्य विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं रहता।
ज्ञानेंद्र कुमार राय ने तमाम लोगों को राशन कार्ड से वंचित करने का आरोप लगाया तो दीनबन्धु पांडेय ने उपभोक्ताओं की सूची को दुरुस्त करने की मांग की। सहायक विकास अधिकारी सांख्यिकीय रामजी यादव ने शिकायतों के निराकरण का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया। इस दौरान राकेश चौबे, विनोद खरवार, जयप्रकाश पान्डेय, विवेक शर्मा, महेन्द्र उपाध्याय,गौतम राय ,नौशाद खां,गिरजा देवी, मंजू यादव,सुनीता ठाकुर, राजवन्ती राजभर, कमला देवी, मिन्टू राय, शिव जी यादव, राकेश राय, अशोकानंद समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। संचालन अधिवक्ता जयनरायन राय और अध्यक्षता वृंदावन खरवार ने किया।