जिले में गेहूं क्रय केंद्र स्थापित हो चुके हैं। जिले में गेहूं खरीद के 46 केंद्र पहली अप्रैल से खोल दिए गए हैं लेकिन अभी किसी केंद्र पर छटांक भर भी गेहूं क्रय नहीं हो पाया है। दरअसल अभी जिले में गेहूं की कटाई चल रही और मंड़ाई के बाद क्रय केंद्रों तक पहुंचने में कुछ दिन और लग सकते हैँ। ऐसे में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते इस साल रबी की फसल प्रभावित हुई है। अभी अनाज तैयार नहीं हो पाया है। जो अनाज तैयार हो रहा है, उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है। ऐसे में खरीद विलंब से शुरू होने के आसार है और निर्धारित अवधि में लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं लग रहा। शासन ने जिले में 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
गेहूं के लिए 1525 रुपये प्रति कुंतल समर्थन मूल्य तय किया गया है और क्रय लक्ष्य 15 जून पूरा कर लेना है। इसके लिए मार्केटिंग विभाग ने 16, पीसीएफ ने 21, कर्मचारी कल्याण निगम ने तीन, एनसीसीएफ ने चार और एफसीआई ने दो केंद्र खोले हैं। इस तरह कुल 46 क्रय केंद्र खुल गए हैं, लेकिन अभी कहीं खरीददारी शुरू नहीं हुई है।
ऐसे में जिला प्रशासन ने अभी क्रय केंद्रों का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि गेहूं की आवक शुरू होने के बाद लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाएगा। लघु एवं सीमांत किसानों को परेशानी से बचाने के लिए सप्ताह में दो दिन केवल उनसे ही खरीद की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष एक लाख 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल बोई गई है।
मौसम की बेरुखी से करीब 15 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। 32 कुंतल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन का अनुमान है। क्रय केंद्र के कर्मचारियों का कहना है कि बोरे की कमी नहीं है लेकिन किसान आ ही नहीं रहे हैं।