गंगा गोमती के बढ़ रहे जलस्तर से पांच दिन से चारों तरफ से पीनी से घिरे गौरहट में बाढ़ पीड़ितों का हाल बेहाल है। यहां के प्राथमिक विद्यालय को बंद कर दिया गया है। बच्चों को अन्य स्कूलों में भी नहीं भेजा जा रहा है। प्रशासन द्वारा आने जाने के लिए नाव की व्यवस्था की गई है और सुरक्षा की दृष्टि से बहुत आवश्यक होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।
वहीं, पशुपालकों को पशुओं को बांधने के लिए स्थान नहीं है। हरे चारे की व्यवस्था नहीं होने से पशुओं के सामने बड़ी समस्या पैदा हो गई है। इस समय बाढ़ के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू यादव ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से संपर्क कर बाढ़ राहत किट सहित यहां के लोगों को आने जाने के लिए नाव की व्यवस्था की गई है। पूरा गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरा है। यहां के लेखपाल के माध्यम से 800 लोगों की सूची बनाकर तहसील प्रशासन को दी गई है। 27 परिवार को बाढ़ राहत किट वितरण किया गया। बचे सभी परिवारों को रात तक वितरित कराया जाएगा।