गंगा के जलस्तर में सोमवार को भी बढ़ोत्तरी दर्ज होने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.280 मीटर और शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 64.300 मीटर पहुंच गया। इस दौरान गंगा के जलस्तर में एक सेमी प्रतिघंटा की बढ़ोत्तरी होती रही। वहीं जिलाधिकारी एमपी सिंह ने सोमवार को तहसील सैदपुर के गौरहट, तेतारपुर का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तेतारपुर में नाव के जरिए प्रभावित लोगों को जरूरत की सामग्री वितरित कर बाढ़ की मार पर मरहम लगाने का काम किया और लोगों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि इस विभीषिका में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होने देंगे। प्रभावित लोगों को रात्रि में प्रकाश व्यवस्था और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखते हुए उन्हें चारा, पानी की उपलब्धता कराने का निर्देश दिया।
खानपुर संवाददाता के अनुसार, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने बाढ़ पीड़ित गांव गौरहट, खरौना का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना।बाढ़ पीड़ितों के द्वारा बताए गए समस्याओं को जनपद के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, स्थानीय विधायक सुहैब अंसारी मन्नू ने भांवरकोल विकास खण्ड के ग्राम शेरपुर, सेमरा, पचासी, धरमपुरा, सत्तर, कथार, जगतपुर का दौरा कर बाढ़ प्रभावित लोगों से उनकी समस्याओं को जाना। और, अधिकारियों से लोगों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए वार्ता किया।
गहमर संवाददाता के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने सेवराई क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर पीड़ितों का हालचाल जाना। इसी क्रम में मां कामाख्या धाम बाढ़ राहत केंद्र पहुंचे। उसके बाद उन्होंने आवागमन करने वाले लोगों से उनकी समस्याएं जानी। पीड़ितों को राहत पैकेट नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल एसडीएम सेवराई को फोन कर यथाशीघ्र राहत पैकेट वितरण करने का निर्देश दिया। इस दौरान पुलिस कप्तान नौका पर सवार होकर रेवतीपुर ब्लाक के नसीरपुर, वीरउपुर, हसनपुरा आदि गांवों का दौरा किया।
देवकली संवाददाता के अनुसार, गंगा नदी मे बरसात का पानी छोङे जाने के बाद सहायक गांगी नदी में बाढ़ का पानी आने से नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में फसले डूब रही है। इससे किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। नदी के तटवर्ती क्षेत्र देवकली, भितरी, महमूदपुर हथिनी, बासूपुर, आगापुर, तरांव, बासूचक, माउपारा, बरहपुर, नैसारा, गरथौली,पहाड़पुर आदि गांवों में फसले डुबने लगी है। वहीं, एक तरफ सूखे से धान की रोपाई नहीं हो सकी। और, बाजरे की फसल भी नष्ट हो गई। जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।