गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग की एमए अंतिम वर्ष की छात्राओं के विदाई समारोह का आयोजन बुधवार को किया गया। हिंदी साहित्य परिषद की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में स्नातक वर्ग में लक्ष्मी पहले, करिश्मा दूसरे और आयुषी को तीसरा पुरस्कार मिला। स्नातकोत्तर वर्ग में क्रमशः अंकिता, संध्या और वंशिका ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आधार पर पूनम यादव का मिस फेयरवेल के रूप में चुनाव किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अनीता कुमारी ने कहा कि गुरु शिष्य का रिश्ता कभी खत्म नहीं होता। हमारे जीवन का एक पड़ाव खत्म ही इसीलिए होता है कि हम दूसरा रास्ता तय कर सकें। विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता ने कहा कि अब पढ़ाई का समय खत्म नहीं होता है बल्कि जीवन को सेवा योग्य बनाने के लिए अध्ययन का दूसरा चरण आरंभ होता है। सीखे हुए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग ही असली शिक्षा का महत्व है। डॉ. निरंजन कुमार यादव ने कहा कि ज्ञान का असली महत्व समाज में उपयोग से तय होता है। डॉ. शशिकला ने कहा कि विदाई एक रस्म है, लेकिन गुरु शिष्य का रिश्ता कभी खत्म होने वाला नहीं है। इस अवसर पर संध्या, अर्चिता, वंशिका और पूनम ने अपनी-अपनी बातें साझा की। कार्यक्रम का संचालन अंकिता और निकिता ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में मीडिया प्रभारी डॉ. शिवकुमार, डॉ. सारिका सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. ओम शिवानी आदि उपस्थित थीं।