नवरात्र की नवमी पर सोमवार को शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों में आस्था का समंदर उमड़ा। शाम पांच बजे के बाद देवी के दर्शन-पूजन का जो क्रम शुरु हुआ वह आधी रात के बाद तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने जय दी के जयघोष के साथ शेरावाली का दर्शन किया। पंडालों पर होने वाली आरती भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। लोग बिजली के झालरों से जगमग मां के महल और उसके आसपास किए गए आकर्षक बिजली के सजावटों के निहारते रहे। शहर के लालदरवाजा, मिश्रबाजार, महुआबाग, महाजनटोली, स्टीमरघाट, नखास, चीतनाथ, नवाबगंज, उर्दूबाजार, सकलेनाबाद, सिटी रेलवे स्टेशन, लंका मैदान, भुटहियाटाड़, वंशीबाजार, ददरीघाट, गोराबाजार, पीरनगर आदि पंडाल भक्तों से गुलजार रहे।
सबसे ज्यादा भीड़ महुआबाग, मिश्रबाजार, लालदरवाजा, चीतनाथ और नवाबगंज के पूजा पंडाल पर रही। पूजा पंडालों में होने वाली आरती भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पंडालों तथा उसके किए गए बिजली के आकर्षक सजावट भी लोगों को मोहित करते रहे। भांवरकोल, मुहम्मदाबाद, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, कासिमाबाद, दुल्लहपुर, जंगीपुर, बिरनो, मरदह, नंदगंज, भीमापार, सादात, खानपुर, सैदपुर, दिलदारनगर, गहमर, भदौरा, करंडा, देवकली, जमानिया, मतसा, बहादुरगंज सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों पर भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। दर्शनार्थियों द्वारा जय माता दी का जयघोष किए जाने से वातावरण देवीमय बना रहा।