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पुलिस की नासमझी रही बवाल की बड़ी वजह

Wed, 25 Mar 2015 10:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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हर कोई यह बात जानता है कि राजनीतिक दलों और छात्रों-युवकों के आंदोलन में फर्क होता है। एक तरफ जहां राजनीतिक दलों के लोग शांतिपूर्ण आंदोलन करते हैं, वहीं छोटी-छोटी बात को लेकर नौजवानों का गुस्सा फूट पड़ता है। कुछ ऐसा ही हुआ सिटी रेलवे स्टेशन पुलिस भर्ती में घोटाले को लेकर सभा कर रहे युवकों के साथ। युवकों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने नासमझी का परिचय देते हुए प्रदर्शन कर रहे युवकों पर लाठियां बरसा दीं। इसका परिणाम यह हुआ कि युवकों का शांतिपूर्ण आंदोलन तोड़फोड़ और आगजनी में तब्दील हो गया। पुलिस की नासमझी की कार्रवाई की लोगों में चर्चा होती रही।
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पुलिस भर्ती में धांधली को लेकर बुधवार को पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी की ओर से सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में सभा का आयोजन किया गया था। युवक किसी प्रकार का हंगामा न करे, इसके लिए पुलिस ने पूरा स्टेशन परिसर छावनी में तब्दील कर दिया था। सदर एसडीएम एके सिंह, सदर सीओ कमल किशोर, कोतवाल सहित कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात थी।

पुलिस की मौजूदगी के बीच युवक प्रदेश के मुख्यमंत्री केखिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। युवकों का कार्यक्रम थस्टेशन पर सभा करने के बाद शहर में जुलूस निकाल दूकानदारों के बंदी की अपील करने की थी। पुलिस ने जुलूस का परमिशन नहीं होने की बात कहते हुए युवकों को जुलूस निकालने से मना करते हुए युवकों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। पांच युवकों ने बिना किसी विरोध के गिरफ्तारी दी और पुलिस की गाड़ी में बैठ गए।
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इसी बीच अन्य छात्रों की तरफ से शोर मचाने पर एक थाने के एसओ ने नासमझी का परिचय देते हुए दो युवकों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दिया, जिससे अन्य युवक भड़क गए और शोर मचाते हुए वहां से भागे। इसके बाद युवकों ने प्लेटफार्म नंबर दो को अपने कब्जे में लेते हुए जमकर तोड़फोड़, पत्थरबाजी के साथ ही आगजनी की घटना को अंजाम देकर वहां से भाग निकले ।

लोगों में इस बात की चर्चा होती रही है कि यदि चर्चित दारोगा ने ललकारते हुए युवकों पर लाठी नहीं बरसाई होतीं तो शायद युवक इतना बड़ा हंगामा नहीं खड़ा करते। युवक चिल्ला-चिल्ला कर उक्त दारोगा को घटना का जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उनका कहना था कि इस दारोगा द्वारा ऐसा कई बार किया जा चुका है। विश्वविद्यालय की मांग कर रहे छात्रों पर भी उसी ने लाठियां बरसाई थीं।
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