नंदगंज। सहेड़ी गांव स्थित ट्यूबवेल पर रखे पुआल में आरोपियों ने आग लगा दी थी। घटना की शिकायत के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर चार माह बाद पुलिस मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
सहेड़ी गांव निवासी कल्पनाथ सिंह यादव बताया कि बीते आठ जनवरी की शाम सिंचाई कर मशीन से खाना खाने के लिए घर चला और करीब 50 मीटर बढ़ा ही था कि आग की लपट दिखाई देने लगी। पीछे मुड़कर देखा तो पुआल का गल्ला जल रहा था। दौड़कर मौके पर पहुंचा तो देखा कि गांव का सत्येंद्र और एक अन्य व्यक्ति पेट्रोल छिड़ककर आग लगाकर भाग रहे हैं। पकड़ना चाहा, लेकिन फरार हो गए। चिल्लाने पर कुछ लोग आग बुझाने का प्रयास करने लगे। फायर बिग्रेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई लेकिन पुआल का ढेर जलकर नष्ट हो गया था। पुआल जलने से पशुओं के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के कोई कार्रवाई न करने पर आरोपियों का मनोबल बढ़ा हुआ था। आरोपी लगातार प्रताड़ित करने के साथ जान से मारने की धमकी दे रहे थे। घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक से मिलकर दी गई। रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से कई बार पत्र भेजकर कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर चार माह बाद पुलिस मुकदमा दर्जकर छानबीन में जुट गई। थाना प्रभारी लालता यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर सत्येंद्र और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कार्रवाई की जा रही है।