बारा साहित्य मंच के तत्वधान में गुलशने महमूद परिसर में सरवत महमूद खां द्वारा संकलित पुस्तक ‘इजत?
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बारा। बारा साहित्य मंच की ओर से बुधवार को गुलशने महमूद परिसर में सरवत महमूद खां द्वारा संकलित पुस्तक ‘इजतराबे बेकल’ काव्य संकलन का विमोचन किया गया। वहीं मुशायरा और कवि सम्मेलन में शायर और कवियों ने कलाम भी पेश किए। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुराने पाक से हुई। मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में बारा का सराहनीय योगदान रहा है। जिसको सुरक्षित करने का काम बारा साहित्य मंच कर रहा है। मौलाना अरशद सेराज मक्की, मंसूर आलम खां और आमिना खातून ने काव्य संकलन पर अपने विचार रखे। बाद में जमजम रमनगरी, अहक़म गाजीपुरी, खान जियाउद्दीन मोहम्मद कासिम कुसुम, खुर्शीद दिलदारनगरी, सरफराज आसी यूसुफपुरी, सैफी सलेमपुरी, कलीम युसुफपुरी, मिथिलेश गहमरी ने अपने कलामों से वाहवाही लूटी। वरिष्ठ शायर रुस्तम खां बेकल बारवी को नकदी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान दीनानाथ सिंह, नसीम रजा खां, शहनवाज खां, नसन खां, अकील खां, मास्टर फैयाज खां, मास्टर बदरे आलम खां, नजीर खां आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता हाजी मंसूर अली खां और संचालन डाक्टर नाहिदा परवीन ने किया।