फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेजुबानों की जान ले रहा प्लास्टिक कचरा

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। शहर में सड़कों पर पड़े कूड़े के ढेरे सफाई अभियान की धज्जियां तो उड़ा ही रहे हैं, बेसहारा मवेशियों की मौत का कारण भी बन रहे हैं। रविवार को स्टेशन रोड के नवकापुरा, मालगोदाम रोड, आमघाट कालोनी, सहकारी कालोनी, झुन्नू लाल चौराहा वाली सड़क सहित विभिन्न इलाकों में कूड़े के बेतरतीब ढेर पर विचरण करते पशु पेट भरते मिले। इस दौरान कई पशु पालीथिन के थैले में मुंह डाले दिखे, जो उनके लिए खतरनाक साबित होता है। पशुपालन विभाग की मानें तो पालीथिन में डालकर खाने-पीने की जो सामग्री फेंकी जाती है, उससे पशुओं के पेट में पालीथिन भर जाने की आशंका बनी रहती है। इससे पशुओं के पेट फूल जाते हैं और उनकी मौत तक हो जाती है। ऐसे ही लोहे की कोई सामग्री उनके पेट में चली जाए तो उनको बचा पाना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि जिले में ऐसे पशुओं के ऑपरेशन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सड़कों पर कूड़ा बिखरे होने से आम जन को भी आवागमन में परेशानी होती है। कूड़ों से उठ रही दुर्गंध तो लोगों की दुश्वारी और बढ़ा दे रही है। नगर पालिका की मानें तो शहर के कुल 25 वार्डों में 13 सफाई नायक तैनात हैं, जिनको वार्डों की साफ सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोपहर में कई वार्डों में सफाई नायक साफ-सफाई करते तो मिले, लेकिन कई जगहों पर वे घरों के कूड़े सड़कों पर डंप करते मिले। कूड़े का अंबार लग जाने से दो पहिया, चार पहिया और पैदल सभी लोगों को आवागमन करने में दुश्वारी हो रही थी। कूड़ों से उठने वाली दुर्गंध और मक्खियां रास्तों से गुजरने में परेशानी का सबब बन गए हैं। नगर पालिका की मानें तो छावनी लाइन में कूड़ा प्रोसेगिंग के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। बजट के अभाव में उसका काम रुका हुआ है। अभी जंजीरपुर में कूड़ों को डंप करने की व्यवस्था है। जहां शहर के विभिन्न वार्डों का कूड़ा वाहनों के जरिए भेजा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें